सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज: आयुष्मान भारत – प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना, एक विशेष रिपोर्ट
आयुष्मान भारत विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है। प्रस्तुत है एक विशेष रिपोर्ट जिस में इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।मुख्य बिन्दु
- आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा योजना है इसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना है।
- एबी-पीएमजेएवाई सात साल पहले 23 सितंबर, 2018 को शुरू की गयी थी।
- एबी-पीएमजेएवाई 12 करोड़ से अधिक कमजोर परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को और अधिक किफायती बनाती है।
- एबी-पीएमजेएवाई लाभार्थियों के लिए 42 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं।
- इस योजना में 86 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को नामांकित किया गया है।
- यह कई घटकों के साथ आयुष्मान भारत योजना का एक हिस्सा है; एक साथ ये सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती हैं।
परिचय
स्वास्थ्य सेवा में निवेश समुदायों को अधिक लचीला, सक्षम और उत्पादक बनाता है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज यह सुनिश्चित करती है कि सबसे कमजोर परिवारों सहित सभी को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलें, जिससे वे स्वस्थ और पूर्ण जीवन जी सकें।[1]
जैसे-जैसे देश की आर्थिक वृद्धि का रुझान ऊपर की ओर बढ़ रहा है, सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के अनुरूप सस्ती सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम रही है ताकि लोग अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण का लाभ ले सकें और विकसित भारत @ 2047 का निर्माण कर सकें।
सरकार ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल प्राप्त करने के लिए 23 सितंबर, 2018 को आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) की शुरूआत की थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी ऐसी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा योजना है, जिसमें करोड़ों कमजोर भारतीय परिवारों का नामांकन किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 देश में बदलती स्वास्थ्य देखभाल चुनौतियों का समाधान करती है क्योंकि प्रौद्योगिकी में प्रगति, सामाजिक-आर्थिक स्थितियां विकसित होती हैं, और रोग पैटर्न में बदलाव होता है – जैसे कि पारंपरिक संक्रामक रोगों के साथ-साथ गैर-संचारी रोगों जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का आना। इस नीति के अनुरूप, एबी-पीएमजेएवाई 2018 में शुरू की गई बड़ी आयुष्मान भारत योजना का एक स्तंभ है, जो विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए समान स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने के लिए तैयार की गई एक स्वास्थ्य पहल है।
आयुष्मान भारत के तहत अन्य स्तंभों में शामिल योजनाएं इस प्रकार हैं:
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) यह सुनिश्चित करते हैं कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा लोगों के लिए उनके घरों के पास या फोन कॉल के माध्यम से सुलभ हो।
- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) गांव के क्लीनिकों से लेकर बड़े अस्पतालों तक सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को डिजिटल रूप से जोड़ता है। यह डॉक्टरों को दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन जैसे वीडियो कॉल और ऑनलाइन परामर्श के माध्यम से रोगियों का इलाज करने में सक्षम बनाता है।[2]
- 2021 में शुरू किया गया पीएम-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम), ग्राम स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक मजबूत स्वास्थ्य सेवा क्षमता का निर्माण करता है
आयुष्मान भारत प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक तीनों स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को सुलभ बनाती है ।

आयुष्मान भरत – प्रधान मंत्री जैन आरोग्य योजना
एबी-पीएमजेएवाई नामांकित सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित परिवारों को माध्यमिक और तृतीयक देखभाल सेवाओं और अस्पताल में भर्ती होने के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है। इससे उन्हें भयावह चिकित्सा के दौरान खर्च के बोझ से बचाया जा सकता है। यह योजना पैनल में शामिल सरकारी वित्त पोषित और निजी अस्पतालों में बिना पैसे उपचार मुहैया कराती है।

एबी-पीएमजेएवाई योजना पर प्रगति
देश के नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण (2024-25) के अनुसार, अपनी शुरुआत के बाद से, एबी-पीएमजेएवाई ने परिवारों को बिना जेब ढीली किये स्वास्थ्य देखभाल खर्चों में 1.52 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है।[3]
योजना के लाभार्थियों के लिए बनाए गए आयुष्मान कार्ड के अनुसार, एबी-पीएमजेएवाई में 42 करोड़ से अधिक लोग नामांकित हैं।4 70 वर्ष से अधिक आयु के 86.51 लाख से ज़्यादा वरिष्ठ नागरिक इस योजना में नामांकित हैं।5 देश भर में 33,000 से ज़्यादा अस्पताल - 17,685 सरकारी और 15,380 निजी - एबी-पीएमजेएवाई के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं।6
इस योजना के तहत लाखों लोगों ने सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया (28 अक्टूबर, 2025 तक)7।
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