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टैटू की सूई आपके लीवर को कर सकती है डैमेज, विशेषज्ञों से समझें टैटू बनवाते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए

प्रकाशित: September 13, 2026, 9:14 PM | स्पेशल स्टोरी
टैटू की सूई आपके लीवर को कर सकती है डैमेज, विशेषज्ञों से समझें टैटू बनवाते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए

नई दिल्ली (hazards of tattoo and piercing): मॉडर्न दुनिया में बॉडी आर्ट खूब फेमस हो रही है और आजकल लोग इसी शौक के चलते टैटू और पियर्सिंग करवाते हैं। लोगों को लगता है कि अब भला टैटू या पियर्सिंग से थोड़ी न सेहत को नुकसान होने वाला है, लेकिन इस बात में पूरी सच्चाई नहीं। बता दें कि ये बॉडी आर्ट लिवर को गंभीर खतरे में डाल सकती है। आज के इस लेख में हमें सेक्टर 128, नोएडा, मैक्स सुपर स्पैशलिटी हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और एंडोस्कोपी के सीनियर डायरेक्टर डॉ. मणिक शर्मा टैटू और पियर्सिंग से लिवर को होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। 


लिवर को नुकसान पहुंचाती है बॉडी आर्ट 

अब समय है टैटू और पियर्सिंग से लिवर को होने वाले नुकसान के बारे में बात करने का। वैसे तो ये बॉडी आर्ट खुद को अभिव्यक्त करना का एक बहतरीन तरीका है लेकिन बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ हैं कि यह फैशन लिवर के जोखिम को बढ़ाता है। अब सवाल है कि आखिर कैसे तो डॉ. मणिक शर्मा इसका कारण ब्लड को बताते हैं। हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी एक वायरल इन्फेक्शन है जो सीधे लिवर को अटैक करता है। वहीं, इसके फैलने का सबसे मुख्य कारण खून में इन्फेक्शन है। 


अगर आर्टिस्ट अनस्टर्लाइज नीडल या एक ही इक्विपमेंट को दोबारा इस्तेमाल करते हैं तो इससे वायरस खून में पहुंच सकता है। इसमें भी सबसे चिंताजनक बात यह है कि हेपेटाइटिस के लक्षण सालों तक नहीं दिखते। इस तरह यह बिना किसी लक्षण या संकेत के चुपचाप से लिवर को डैमेज कर सकता है और सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति भी पैदा कर सकता है। 




टैटू और पियर्सिंग करवाते समय किन बातों का रखें ध्यान? 

अब जानते हैं कि आखिर टैटू और पियर्सिंग करवाते समय किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए :  


खुद से रिसर्च करें 

केवल उन्हीं स्टूडियो में जाएं जिनके पास लाइसेंस हो और मार्केट में अच्छी पहचान हो। किसी पार्टी या घर पर टैटू बनवाने से बचें। 


सेटअप देखें 

आर्टिस्ट का सेटअप अच्छे से देख-परख लें। इस बात का ध्यान रखें कि उन्होंने नई स्टर्लाइज नीडल इस्तेमाल की हो। खुद से सवाल पूछने पर भी न हिचकिचाएं। 


स्याही चेक करें 

स्याही एक छोटे सिंगल कप में होनी चाहिए। यह भी जान लें कि आर्टिस्ट सीधे किसी बड़ी स्याही की बोतल में सुई न डुबोए। ऐसा इसलिए क्योंकि बार-बार इस्तेमाल में आने वाली एक ही बोतल पूरी स्याही को दूषित कर सकती है। 


साफ-सफाई मायने रखती है 

इस बात का भी ध्यान रखें कि आर्टिस्ट ने हाथ धोएं हों और उसके बाद फ्रेश डिस्पोजल ग्लव्स भी पहने हों। 


अगर आपने पहले ही टैटू या पियर्सिंग करवा ली है और आप यह नहीं जानते कि उसमें किन बातों का ध्यान रखा गया तो डॉक्टर से रूटीन हेपेटाइटिस ब्लड टेस्ट करने को कहें। इससे आपकी सारी चिंताएं दूर हो जाएंगी। इस बात को याद रखें कि हमारे पास एक असरदार हेपेटाइटिस-बी की वैक्सीन है और हेपेटाइटिस-सी का बेहतर इलाज करने के लिए ट्रीटमेंट भी। हमेशा सेहत का ध्यान रखें, सवाल पूछते रहें और लिवर की सुरक्षा करें। 


Courtesy: Jagran


https://www.jagran.com/lifestyle/health-tattoo-piercing-needle-hepatitis-liver-damage-risk-and-expert-prevention-tips-40323833.html