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हार्ट अटैक और स्ट्रोक में एक-एक मिनट है कीमती, ये लक्षण दिखें तो तुरंत पहुंचे अस्पताल

प्रकाशित: September 15, 2026, 9:52 AM | हेल्थ टिप्स
हार्ट अटैक और स्ट्रोक में एक-एक मिनट है कीमती, ये लक्षण दिखें तो तुरंत पहुंचे अस्पताल

नई दिल्ली। हार्ट अटैक और स्ट्रोक दोनों गंभीर मेडिकल इमरजेंसी हैं। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। लक्षणों को पहचानने में देरी या अस्पताल पहुंचने में लापरवाही मरीज की स्थिति को गंभीर बना सकती है। इसलिए हार्ट अटैक और स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को पहचानना और तुरंत चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी में रुकावट आने से दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। वहीं, स्ट्रोक में मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह बाधित होने या रक्तस्राव के कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। दोनों ही परिस्थितियों में समय पर उपचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


हार्ट अटैक में क्यों जरूरी है तुरंत इलाज?

हार्ट अटैक आमतौर पर हृदय की रक्त वाहिका में रुकावट के कारण होता है। इसके चलते हृदय की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। जितनी देर तक रक्त प्रवाह बाधित रहता है, हृदय की मांसपेशियों को नुकसान का खतरा उतना ही बढ़ सकता है।

इसलिए सीने में अचानक दर्द या दबाव जैसे लक्षणों को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।


स्ट्रोक में भी समय है बेहद महत्वपूर्ण

स्ट्रोक के कई मामलों में मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली नस में रक्त का थक्का बनने के कारण रक्त प्रवाह रुक जाता है। ऑक्सीजन की कमी से मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है।

स्ट्रोक के कुछ उपचार समय पर अस्पताल पहुंचने पर ही अधिक प्रभावी हो सकते हैं। इसलिए अचानक दिखाई देने वाले न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।


हार्ट अटैक के इन लक्षणों को पहचानें

हार्ट अटैक के दौरान हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं दिखाई देते। सामान्य संकेतों में शामिल हैं:

  • सीने में दर्द, दबाव या भारीपन महसूस होना।
  • दर्द का बांह, कंधे, जबड़े, पीठ या गर्दन तक फैलना।
  • सांस लेने में परेशानी या अचानक सांस फूलना।
  • अचानक ठंडा पसीना आना।
  • चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना।
  • अचानक बेचैनी या असहज महसूस करना।

इनमें से गंभीर या अचानक लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।


स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

स्ट्रोक की पहचान के लिए अचानक होने वाले बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है। इसके प्रमुख संकेत हो सकते हैं:

  • चेहरे का एक तरफ झुक जाना या लटकना।
  • एक हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन।
  • बोलने में परेशानी या बात समझने में कठिनाई।
  • अचानक दिखाई देने में परेशानी।
  • चलने में दिक्कत, चक्कर या संतुलन बिगड़ना।
  • अचानक तेज सिरदर्द, खासकर यदि यह असामान्य हो।

यदि ये लक्षण अचानक दिखाई दें तो समय बर्बाद किए बिना इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।


हार्ट अटैक या स्ट्रोक की आशंका होने पर क्या करें?

लक्षण दिखाई देने पर घर पर इंतजार करके उनके अपने-आप ठीक होने का इंतजार न करें। तुरंत स्थानीय इमरजेंसी सेवा या एम्बुलेंस को कॉल करें।

संभव हो तो मरीज को खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल ले जाने के बजाय एम्बुलेंस की मदद लें। आपातकालीन चिकित्सा दल रास्ते में आवश्यक प्राथमिक सहायता दे सकता है और अस्पताल को मरीज की स्थिति के बारे में पहले से जानकारी दे सकता है।

मरीज को ऐसी चिकित्सा सुविधा में ले जाना बेहतर है जहां 24 घंटे इमरजेंसी, कार्डियक और स्ट्रोक संबंधी उपचार की सुविधा उपलब्ध हो।


जागरूकता से बचाई जा सकती है जान

हार्ट अटैक और स्ट्रोक में सबसे महत्वपूर्ण बात है कि चेतावनी के संकेतों को समय रहते पहचाना जाए। सीने में गंभीर परेशानी, सांस लेने में दिक्कत, चेहरे का अचानक टेढ़ा होना, हाथ-पैर में कमजोरी या बोलने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


याद रखें—हार्ट अटैक या स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर हर मिनट महत्वपूर्ण हो सकता है। समय पर अस्पताल पहुंचना गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने और बेहतर उपचार की संभावना बढ़ाने में मदद कर सकता है।